शिशु को डे केयर कब भेजे और किन बातों का ध्यान रखें? | Baby ka day care

आजकल के समय में माता-पिता दोनों ही व्यस्त रहते हैं। पूरे दिन दोनों लोग ही काम पर रहते हैं इसलिए उन्हें अपने बच्चों की देखभाल करने का समय नहीं मिलता जो माता-पिता वर्किंग हैं। उनके लिए एक बहुत अच्छा विकल्प होता है। डे केयर जिसमें वह अपने बच्चों को रखकर आराम से कम पर जाते हैं। और उनके बच्चे का अच्छा ख्याल रखा जाता है। परंतु अक्सर माता-पिता को यह पता नहीं होता कि शिशु को डे केयर पर (Baby day care kab bhejen) कब भेजना चाहिए।

इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको शिशु को डे केयर कब भेजे और किन बातों का ध्यान रखें (Baby day care kab bhejen)इसके विषय में जानकारी देंगे। यदि आप भी इस विषय में जानकारी चाहते हैं तो हमारे आर्टिकल को अंत तक पढ़े।

डे केयर क्या है (Baby day care kya hai)

बहुत से लोगों को इस विषय में जानकारी नहीं होती की डे केयर क्या होता है। तो हम आपको बता दें (Baby day care kya hai) ) कि जिन बच्चों के माता-पिता वर्किंग होते हैं उन बच्चों को डे केयर में भेजा जाता है। जहां पर बच्चों का पूरी तरीके से ध्यान रखा जाता है।

शिशु को डे केयर कब भेजे और किन बातों का ध्यान रखें Baby ka day care

 डे केयर आजकल की व्यस्त जीवन में एक बहुत बेहतर विकल्प होता है जिसमें बच्चे का बहुत अच्छे से ध्यान रखा जाता है। जो लोग वर्किंग होते हैं या ज्यादातर समय अपने घर से बाहर रहते हैं। उन्हें जरूर ही डे केयर में अपने बच्चों को रखना चाहिए परंतु देखकर ऐसा हो जिसमें उनके बच्चे का पूरी तरीके से ध्यान रखा जाए।

डे केयर मैं भेजते समय निम्न बातों का ध्यान रखें

डे केयर में भेजते समय माता-पिता को (Baby day care me dhyan dene yogya baatein)किन बातों का ध्यान रखना चाहिए उसके विषय में नीचे जानकारी दी गई है।इन बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है क्योंकि यह आपके बच्चे की देखभाल पर निर्भर करता है।

  • शिशु को डे केयर पर 6 महीने का हो जाने के बाद भेजना चाहिए 6 महीने तक का बच्चा पूरी तरीके से अपनी मां पर निर्भर होता है। वह मां के दूध का सेवन करता है।
  • बाकी किसी भी चीज का सेवन नहीं करता इसलिए 6 महीने तक मन को बच्चों को अपने पास ही रखना चाहिए।
  • यदि तीन-चार महीने में आप अपने बच्चों को डे केयर पर भेज रहे हैं तो यह बहुत जोखिम का कार्य हो सकता है।
  • बच्चों को मां की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है बच्चा हमेशा अपनी मां के पास रहने का प्रयास करता है। परंतु यदि बच्चे को शुरुआत के दिनों में मन से दूर कर दिया जाता हैं।
  • तो वह उसके विकास पर भी प्रभाव डालता है यदि माता वर्किंग है और वह 3 महीने से ज्यादा अपने ऑफिस से छुट्टी नहीं ले सकती तो उन्हें परिवार के किसी सदस्य की मदद लेनी चाहिए। जिससे वह अपने बच्चों के पालन पोषण के विषय में बात कर सकें।
  • आजकल ऐसे बहुत सारे ऑफिस वर्किंग मां के लिए डे केयर की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। जिसमें वह ऑफिस में ही देखकर खुलवाते हैं और बच्चे की देखभाल करने का जमा भी उठाते हैं।
  • अगर आपका ऑफिस भी बच्चे को डेकर की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। तो आप बहुत अच्छे विकल्प का चयन कर सकते हैं और अपने बच्चों के लिए अपने ऑफिस वाले डेकोर में रख सकते हैं।इसमें आप बीच-बीच में अपने बच्चों का ध्यान भी रख सकते हैं और उसे मिलने के लिए भी जा सकते हैं।
  • लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो वर्किंग औरतों के लिए यह बहुत अच्छा विकल्प है कि वह 6 महीने से लेकर 10 साल तक के बच्चे को डेकर में भेज सकते हैं। यदि आपके बच्चे को डेकर की आदत लग जाएगी और उसे देखकर पसंद आने लगेगा तो वह धीरे-धीरे डे केयर में ढल जाएगा। और उसको वहां रखना आसान हो जाएगा आप अधिक समय तक अपने बच्चों को डेकर में रख सकते हैं और आराम से कार्य कर सकते हैं डे केयर में बहुत सारी सुविधाएं मौजूद होती हैं।
  • जैसे खेलकूद भजन गेम्स शारीरिक गतिविधियां आदि जिससे बच्चे का शारीरिक विकास भी होता है। और बच्चे को सोशलाइज होने का मौका भी मिलता है।

किन बातों का ध्यान रखें

देख यार मैं भेजने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इसके विषय में नीचे जानकारी दी गई हैं। जिसके माध्यम से आप यह पता लगा पाएंगे की डे केयर किस प्रकार से ध्यान देने योग्य है।

  • थे केयर ऑफिस के नजदीक होना चाहिए और डे केयर में पूरी तरीके से फीमेल स्टाफ होना जरूरी होना चाहिए।
  • डे केयर में सीसीटीवी की सुविधा होनी चाहिए जिससे आप अपने बच्चों को लगातार देखते रहें।
  • डे केयर में सबसे ज्यादा इंपोर्टेंट होता हैं। साफ सफाई और बच्चे का खाना माता-पिता को बच्चों के हाइजीन का पूरी तरीके से ध्यान रखना चाहिए। यदि खाना हाइजीनिक नहीं है तो बच्चा बीमार पड़ सकता है।
  • इसलिए बच्चे कोई हाइजीन का ध्यान रखने के लिए पूरी तरीके से खाने पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा देकर पूरी तरह से यह स्वतंत्रता माता-पिता को प्रदान करते हैं कि वह डे केयर में वॉशरूम से लेकर किचन तक किसी भी स्थान को पूरी तरीके से देख सकते हैं। जो एक बहुत अच्छा विकल्प होता है जिसके माध्यम से पेरेंट्स आराम से बच्चों के सुरक्षा और उसके हाइजीन का निगरानी कर सकते हैं।

टॉपिक से संबंधित प्रश्न एवं उनके उत्तर (FAQ) 

Q. डे केयर क्या होता है? 

कामकाजी पेरेंट्स अपने बच्चों को डेकर में देखभाल के लिए रखते हैं। जिसमें बच्चों के खान-पान और खेलकूद का विशेष ध्यान रखा जाता है।

Q. डे केयर में भेजते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए? 

डे केयर में भेजते समय यह बात बहुत ध्यान देनी चाहिए ।कि टेक केयर पास में हो और उसमें पोषण और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।

Q. डे केयर किन बच्चों के लिए होता है? 

जिन बच्चों के माता-पिता कामकाजी होते हैं उन बच्चों के लिए डे केयर होता है।

Q. डे केयर में हम कितनी उम्र के बच्चों को रख सकते हैं? 

डे केयर में हम 6 महीने से लेकर 10 साल तक के बच्चे को रख सकते हैं।

निष्कर्ष :

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको शिशु को डे केयर कब भेजे और किन बातों का ध्यान रखें (Baby day care dhyan dene yogya baten)के विषय में जानकारी देने का पूरा प्रयास किया है।यदि फिर भी आपके मन में कोई प्रश्न है तो आप नीचे दिए हो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं।

हमारे आर्टिकल के द्वारा प्रदान की जाने वाली जानकारी बिल्कुल ठोस तथा सटीक होती है। यदि आपको हमारा आर्टिकल पसंद आए तो आप इसे अवश्य शेयर करें। हमारा आर्टिकल पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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