बच्चों को सर्दी या फ्लू होने पर क्या करें? जाने कुछ आसान टिप्स

मां आपको अपने बच्चों का खास ख्याल रहता हैं। वह अपने बच्चों को हर तरीके से पालने का प्रयास करते हैं। वह अपने बच्चों को हर अच्छी से अच्छी चीज की सुविधा देने का प्रयास करते हैं। अक्सर बच्चों को बीमारी का सामना सर्दियों के मौसम में करना पड़ता है। सर्दियों के मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखना पड़ता है पेरेंट्स को अक्सर जानकारी नहीं होती कि बच्चों को सर्दी या फ्लू (Winter’s me cold and flu) होने पर उन्हें क्या करना चाहिए। 

इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपके बच्चों को सर्दी या फ्लू होने (Winter’s me cold and flu hone pr kya karen)पर क्या करें। उसके विषय में जानकारी देंगे यदि आप भी इस विषय में जानकारी चाहते हैं तो हमारे आर्टिकल को अंत तक पढ़े।

जुकाम या फ्लू क्या है? 

जो काम या फ्लो एक प्रकार (cold and flu kya hai?)का बैक्टीरियल संक्रमण होता है। यह बैक्टीरिया संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है। सबसे ज्यादा जुकाम और फ्लू 2 वर्ष से 5 वर्ष तक के बच्चों में देखने को मिलता हैं।

बच्चों को सर्दी या फ्लू होने पर क्या करें जाने कुछ आसान टिप्स

 परंतु 2 वर्ष तक के बच्चे जुकाम या फ्लू जैसी समस्याओं से बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं। सर्दियों के मौसम में अक्सर छोटे बच्चों को जुकाम का सामना करना पड़ता हैं।

 जो काम के कारण बच्चों के सर में दर्द होता है और उसका शरीर भी स्वस्थ रहता है इसलिए जुकाम बच्चों को नुकसान पहुंचता है बच्चा अपना भोजन ठीक से नहीं कर पाता। 

1.बहुत सारे तरल पदार्थ दें :

यह बहुत जरूरी हो जाता है कि बच्चों को हमें ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। सर्दियों के मौसम में अक्सर प्यास कम लगती हैं। जिसके कारण कलर पदार्थ का सेवन भी बहुत काम किया जाता है।

 यह शरीर के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदेह होता है यदि आप तरल पदार्थ का सेवन नहीं करते तो शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता हैं। जिसके कारण बहुत सारी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता हैं। यदि आप ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करते हैं तो बच्चा बहुत ज्यादा हाइड्रेट रहता है। 

यदि बच्चे के शरीर में निर्जलीकरण की कोई समस्या हो गई है तो उसे ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। यदि बच्चा ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन कर रहा है तो यह उसके लिए बहुत अच्छा है इसे पूरी बॉडी हाइड्रेट रहेगी। 

निर्जलीकरण के कुछ संकेत

  • समय कोई आँसू नहीं
  • सूखे होंठ
  • नरम धब्बे जो धँसा-से लगते हैं
  • एक्टिविटी में कमी
  • 24 घंटे में तीन से चार बार से कम पेशाब आना

आपको यह सुरक्षित करना चाहिए कि आपका बच्चा स्तनपान कर रहा है या नहीं। यदि आपका बच्चा स्तनपान करता है तो आपको उसे पहले से अधिक स्तनपान कराने की आवश्यकता हैं। यदि बच्चे के शरीर में निर्जलीकरण की समस्या हो रही है तो स्तनपान करने से बच्चे को हाइड्रेशन प्रदान होती है और बच्चा स्वस्थ बना रहता है।

 ऐसा भी हो सकता है कि बच्चा स्तनपान में कम दिलचस्पी ले रहा है यदि ऐसा है तो आप उसके लिए कोई अन्य तरल पदार्थ भी खिला सकते हैं। 

अपने बच्चों के विषय में आपको डॉक्टर से भी संपर्क करना चाहिए डॉक्टर के द्वारा सुनिश्चित की चीजों को भी बच्चे को खिलाने का प्रयास करना चाहिए। छोटे बच्चों के लिए कभी भी माता-पिता को स्पोर्ट्स ड्रिंक नहीं देनी चाहिए। बड़े बच्चों के पास अपने लिए हाइड्रेशन के बहुत सारे विकल्प होते हैं उसका चुनाव करना चाहिए। 

2.भरी हुई नाक का मार्ग साफ करें :

ऐसे बहुत सारे नोज स्प्रे मार्केट में उपलब्ध होते हैं जो नाक को खोलने और उसे साफ करने में बहुत मदद करते हैं। परंतु इन औषधीय से निर्मित नोज स्प्रे बच्चों के लिए रिकमेंड नहीं किए जाते यह बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नोज स्प्रे के इस्तेमाल किए बिना ही बच्चे की नाक खोलने के बहुत सारे तरीके हैं। 

बच्चों की नाक खोलने के लिए आप ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि ह्यूमिडिफायर आप अपने कमरे में लगा लेते हैं तो यह बलगम को तोड़ने में और बच्चे की नाक को खोलने में बहुत असरदार होता है। परंतु ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करने से पहले यह आवाज सुनिश्चित कर लेनी चाहिए कि उसको अच्छे से साफ किया गया है या नहीं। 

खांसी को कम करने के उपाय

विभिन्न यूरो के हिसाब से (Winter’s me cold thik karne ke upay)बच्चों की खांसी को कम करने की भी उपाय होते हैं। यदि आपका बच्चा छोटा यानी की 1 वर्ष से कम है तो डॉक्टर के द्वारा भी आपको दवाई खिलाने के रिकमेंडेशन नहीं दी जाती। 

दवाई के स्थान पर आप अपने बच्चों को सहद् खिलाकर उसकी खांसी को ठीक कर सकते हैं। शहद बच्चों की खांसी को ठीक करने का एक बहुत असरदार और अच्छा उपाय है।

 यदि आप अपने छोटे बच्चों की खांसी को ठीक करना चाहते हैं तो दिन में दो से 5 मल शहर बच्चों को अवश्य खिलाना चाहिए। इसके अलावा यदि बड़े बच्चों की खांसी को कम करना चाहते हैं।

 तो उसके लिए आप डॉक्टर से रिकमेंड करके एक अच्छा सिरप या खुराक प्राप्त कर सकते हैं जिससे खांसी को आसानी से ठीक होने में मदद मिलती हैं।

बच्चों को पर्याप्त आराम करने दें

कई बार सर्दी जुकाम के कारण बच्चों को बुखार की समस्या भी हो सकती हैं। बुखार की समस्या में बच्चों के शरीर में पूरी तरीके से दर्द होता रहता है। यदि आपके बच्चे का भी शरीर बुखार के कारण बहुत ज्यादा गर्म हो रहा है तो यह जरूरी है कि आप अपने बच्चों को बिल्कुल ढीले डाले कपड़े पहना हैं।

 जिससे अच्छी तरीके से हवा उसके शरीर में पास होती रहे यदि आपके बच्चे का शरीर ज्यादा गर्म है तो आप ठंडे पानी में पत्ती डालकर अपने शरीर को पहुंच सकते हैं। यदि यह उपाय किया जाए तो हमारे शरीर का बुखार कम करने में बहुत मदद मिलती है और बहुत तेजी से यह काम हो जाता है।  बच्चों को सर्दी या स्लो होने पर क्या और कब दे इस विषय में जानकारी

  • यदि आप अपने 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को सर्दी या फ्लू से बचना चाहते हैं तो उसके लिए बच्चों के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर के द्वारा प्रेस करें दवाई का इस्तेमाल करना चाहिए। 
  • हमें यह याद रखना चाहिए कि बुखार कोई बीमारी नहीं होती यह एक प्रकार का सिंपटम होता है बुखार इस कारण भी हो सकता है। कि हमारा शरीर विभिन्न तरीके की बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित कर रहा है इसलिए हमें इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी होता है
  • बच्चों को किसी भी प्रकार की दवाई का सेवन करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से बात करें बाल रोग विशेषज्ञ यदि किसी भी प्रकार की दवाई रिकमेंड करता है तो दवाई अवश्य लेनी चाहिए।
  • इसके अलावा आपका बच्चा लगातार सर्दी होने पर कौन सी दवाई खाता है इसके विषय में भी माता को जानकारी होनी चाहिए। 
  • वैसे तो बच्चे को सर्दी से बचने के लिए एक्टा एमिनोफेन दवाई दी जाती है जब भी आप डॉक्टर के संपर्क में आए तो आप उसे बताएं कि आप अपने बच्चों को एक्टा एमिनोफेन नाम की दवाई देते हैं।
  • यदि यह दवाई की जानकारी आप अच्छी तरीके से डॉक्टर को देंगे तो डॉक्टर भी समझ पाएगा कि आप अपने बच्चों का सही तरीके से ख्याल रखना चाहते हैं। 
  • यदि आपका बच्चा 6 महीने से ऊपर का हो गया है। और वह बुखार और दर्द से परेशान है तो आप उसके लिए आइब्रो पर नाम की दवाई भी दे सकते हैं या दवाई बहुत ही असरदार होती है। 

अपने बच्चों को डॉक्टर को कब दिखाएं

कई बार घर पर की गई क्या (Winter’s me baccho ko doctors ko kb dikhayen)बच्चे के लिए पर्याप्त नहीं होती। उसे हमें डॉक्टर के पास अवश्य ले जाना पड़ता हैं। नीचे कुछ लक्षण बताए गए हैं। यदि ऐसे लक्षण बच्चों के अंदर दिखाई दे रहे हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए

  • आपको डॉक्टर से तब संपर्क करना चाहिए जब दो दिन तक लगातार आपके बच्चे का बुखार 101 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर तक ही हो। 
  • यदि उसका बुखार कम होने का नाम नहीं ले रहा है तो डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें। 
  • यदि आपके बच्चे का बुखार 100 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा है और वह अभी 3 महीने का ही हुआ है तो हमें डॉक्टर को अवश्य बताना चाहिए। और उनसे बच्चों की जांच अवश्य करवानी चाहिए।
  • यह जरूरी है क्योंकि ज्यादा दिनों तक बुखार रहना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बहुत खराब होता है। 
  • यदि आपके बच्चे का बुखार एक्स्ट्रा एमिनोफेन या आइब्रो पेन से भी ठीक नहीं हो रहा तो आपको डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। ऊपर बताइए दवाइयां बहुत असरदार होती हैं इनके लेने के बाद बच्चे का बुखार तुरंत ठीक होने की संभावना होती है। 
  • जब आपको आपका बच्चा और सामान्य रूप से नीरस और सुस्त दिखाई देता है। उसका किसी भी प्रकार की एक्टिविटीज करने में मन नहीं लगता वह हमेशा शांत रहता हैं। तो आपको उसे डॉक्टर से अवश्य दिखाना चाहिए। 
  • यदि आपका बच्चा पर्याप्त रूप से अपनी डाइट नहीं ले रहा है जिस तरीके का वह भोजन करता हैं।
  • वैसा भोजन नहीं कर रहा है तो आपको इसके विषय में तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए। 
  • कई बार बच्चों को सांस लेने में भी तकलीफ होने की समस्या हो सकती हैं। यदि आपको अपने बच्चों में सांस लेने में तकलीफ होने के लक्षण दिखाई देरहे हैं। तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और इसके विषय में डॉक्टर को उसे वाली बातें पूर्वक जानकारी देनी चाहिए। 

सर्दी या फ्लू के मौसम से कैसे बचे

सर्दी या फ्लू के मौसम से (Winter’s me cold and flu se kaise bachen) )कैसे बच सकते हैं। उसके विषय में नीचे जानकारी प्रदान की गई है। इन पॉइंट्स को फॉलो करके आप भी सर्दी या फ्लू से अपने बच्चों को बचा सकते हैं। 

  • वैसे तो आप फ्लू से ठीक होने के बाद फूलों से बचने का समय आ गया हैं। हमें उन सारी परतों को अच्छी तरीके से साफ करना चाहिए। जिनके संपर्क में आने के कारण हमारा बच्चा बीमार पड़ गया था।  उन सारी चीजों को अच्छे से सेनीटाइज करने के बाद हमें अपने पूरे परिवार को अच्छी तरीके से हाथ धोने के लिए प्रेरित करना चाहिए। 
  • यदि आप एक कामकाजी महिलाएं और आप अपने बच्चों को डे केयर में रखती हैं तो थोड़े दिनों के लिए ऐसा करना आपको बंद कर देना चाहिए। आप जो भी बच्चे को खाने का पैकेट पैक करके देते हैं। उसे किसी भी व्यक्ति से बच्चे को शेयर करने से मना करना चाहिए। फ्लू के समय बच्चा किसी भी व्यक्ति से संपर्क में आने के कारण बीमार पड़ सकता हैं। बच्चों को डे केयर में रखने से दूर रखना चाहिए। 
  • सर्दि यां फ्लू का मौसम ऐसा माना जाता है कि यह आता है और चला जाता है। इसलिए फ्लू के समय अपने बच्चों की देखभाल बहुत प्यार से करनी चाहिए। उसे ऐसा महसूस नहीं होने देना चाहिए कि उसे किसी भी प्रकार की बड़ी समस्या हैं। ऐसा करने से बच्चे का फ्लू आसानी से ठीक हो जाएगा और आपको किसी भी प्रकार की समस्या भी नहीं होगी। 

टॉपिक से संबंधित प्रश्न एवं उनके उत्तर (FAQ) 

Q. यदि आपके बच्चे को बुखार है तो आपको कौन सी दवाई देनी चाहिए? 

यदि बच्चे को बुखार है तो उसे एंटीहिस्टामाइन की दवाई देनी चाहिए। 

Q. यदि बच्चा सर्दी से बहुत ज्यादा पीड़ित है तो हम उसे कौन सी दवाई दे सकते हैं? 

यदि बच्चा सर्दी से पीड़ित है तो हम उसे आइब्रो पेन की दवाई दे सकते हैं। 

Q. फ्लू अक्सर बच्चों को किस मौसम में सताता है? 

सर्दी के मौसम में बच्चों को फ्लू जैसी बीमारियां सताती हैं। 

Q. हमें अपने बच्चों को डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए, 

जब बच्चे का बुखार बहुत ज्यादा बढ़ गया हो और वह दवाई देने के बाद भी नहीं उतर रहा हो तो हमें डॉक्टर को दिखाना चाहिए। 

निष्कर्ष :

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको बच्चों को सर्दी या फ्लू होने पर क्या करें (Winter’s me cold and flu)जाने कुछ आसान टिप्स के विषय में जानकारी देने का पूरा प्रयास किया है। यदि फिर भी आपके मन में कोई प्रश्न है तो आप कमेंट करके कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

हमारे आर्टिकल के द्वारा प्रदान की हुई जानकारी बिल्कुल ठोस और सटीक है ।अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आए तो आप इसे अवश्य शेयर करें । हमारा आर्टिकल पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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