सर्दियों में बच्चों को सुविधाजनक रखने के टिप्स

भारत में सर्दियों का मौसम बच्चों के लिए बहुत ही ज्यादा सुविधाजनक और बहुत ही ज्यादा कष्टकारी हो सकता है। सर्दियों के मौसम में बच्चों के बीमार होने का खतरा ज्यादा रहता है। ठंड लगने से बच्चे को सर्दी जुकाम बुखार की समस्याएं सर्दियों में बनी रहती है। सर्दियों में बच्चों को बीमारियों से कैसे बचाए या उसे सुविधाजनक कैसे (Winters me babies ko suvidha) बनाएं उसके विषय में हमें जानकारी नहीं होती।

इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको सर्दियों में बच्चों को सुविधाजनक रखने के टिप्स (Winters me babies ko cold se protection) के विषय में जानकारी देंगे। यदि आप भी इस विषय में जानकारी चाहते हैं तुम्हारे आर्टिकल को अंत तक पड़े।

सर्दियों में बच्चों को गर्माहट और आराम देने के टिप्स

सर्दियों में हम बच्चों को (Winters me babies ko garmahat) गर्माहट कैसे दिला सकते हैं और उन्हें विभिन्न प्रकार की बीमारियों से आराम कैसे दे सकते हैं। उसके विषय में नीचे जानकारी प्रदान की गई है।

1. रोजाना मालिश करने से मिलते हैं फायदे :

सर्दियों के मौसम में माता-पिता को रोजाना अपने बच्चों की मालिश करनी चाहिए। मालिश करने से शरीर की सारी मांसपेशियां व्यायाम के रूप में काम करती है और मांसपेशियों में एनर्जी आती हैं। शरीर की रोजाना मालिश करने से बच्चा एक्सरसाइज के रूप में कार्य करना लगता हैं।

 और वह बिल्कुल हस्त पोस्ट एवं तेजतर्रार हो जाता है। मालिश करने से बच्चों के शरीर का रक्त संचार तेज होता हैं। और बच्चे के इम्यून सिस्टम को मजबूत होने पर भी मदद मिलती हैं। बच्चे की मालिश दिन में दो बार करनी चाहिए सुबह के समय बच्चे की मालिश प्राकृतिक तेल से करनी चाहिए।

 सुबह मालिश करने से बच्चे का पूरा शरीर हाइड्रेट हो जाता हैं। सुबह के समय विक्स बेबी रब से बच्चों के सीने की और उसके गले की मालिश करनी चाहिए। यह मॉइश्चराइजर के रूप में भी काम करता है और बच्चे को सर्दी लगने से भी बचाता हैं।

 सर्दियों में बच्चों की मालिश रोजाना सुबह और शाम करनी चाहिए सर दवा से बचने के लिए बच्चों को मालिश करना उसको कोजनेस प्रदान करता है।

2. भारी ब्लैंकेट का उपयोग न करें :

माता-पिता को अपने बच्चों के लिए भारी ब्लैंकेट का उपयोग नहीं करना चाहिए। अक्सर माता को यह महसूस होता है कि यदि वह अपने बच्चों को मोटा और भारी ब्लैंकेट उड़ा देंगे तो उनके बच्चे को ठंड नहीं लगेगी परंतु आपको खुद ही हैं। महसूस करना चाहिए।

 कि यदि आप पर कोई भारी चीज ला दी जाए तो आप कितना अनकंफरटेबल महसूस करते हैं। ऐसे ही बच्चे छोटे होते हैं। यदि उन्हें भारी ब्लैंकेट उड़ा दिया जाता है तो उन्हें घबराहट महसूस होने लगती है और वह अनकंफरटेबल फुल करने लगते हैं। बच्चों के कमरे को गर्म करने के लिए आप ह्यूमिडिफायर का उपयोग कर सकते हैं।

हमीडिफाइर फायर से बच्चे को ठंड नहीं लगेगी यदि आप अपने बच्चों को भारी ब्लैंकेट उड़ाते हैं। और उसका मुंह ढक देते हैं तो बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो सकती हैं। यहां तक की उसकी मृत्यु भी हो सकती हैं।

 इसलिए हमेशा अपने बच्चों को बिल्कुल हल्का ब्लैंकेट उड़ाना चाहिए। और उसके कमरे को गर्म रखने का प्रयास करना चाहिए। जिससे वह आराम से उधर-उधर करवट बदलकर सो सके और कंफर्टेबल महसूस कर सके।

3. समय से वैक्सीन लगवाएं :

माता-पिता को अपने बच्चों को समय से वैक्सीन लगवानी चाहिए। डॉक्टर के द्वारा भी यह बताया गया है कि बच्चों के लिए वैक्सीन कितनी महत्वपूर्ण होती हैं। बच्चों की इम्युनिटी बहुत कमजोर होती हैं। इम्यून सिस्टम में विभिन्न तरीके की बीमारियों से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज की आवश्यकता होती हैं।

 यह वैक्सीन बच्चों को एंटीबॉडीज को प्रोड्यूस करने में मदद करती हैं। इसलिए वैक्सीन लगवाने का जो भी टाइम हो उसी टाइम पर बच्चों को वैक्सीन लगवानी चाहिए। चाहें साल का कोई भी मौसम हो परंतु माता-पिता को अपने बच्चों की जांच डॉक्टर से अवश्य करवाते रहनी चाहिए। और उसके शरीर को जितनी भी चीज की आवश्यकता हैं।

 उसकी पूर्ति करती रहनी चाहिए इससे बच्चा बहुत सारी बीमारियों से बच्चा रहता हैं। आजकल मार्केट में सीजनल वैक्सीन भी अवेलेबल हैं। सीजनल वैक्सीन को लगवाने से बच्चा सीजन में होने वाले संक्रमण से बचता हैं। इसलिए डॉक्टर से परामर्श के बाद इस तरह की वैक्सीन के विषय में सूचना भी ठीक होगा।

4. संकेत व लक्षणों को समझे :

माता-पिता को अपने बच्चों के विषय में पूरी तरीके से ध्यान देना चाहिए। जो बच्चे कुछ ही महीने के होते हैं और बोल नहीं पाते वह अपनी परेशानी को अपने माता-पिता से रोक कर जाहिर करने का प्रयास करते हैं। इसलिए माता-पिता को अपने बच्चों की तरफ ध्यान देना चाहिए।

 कि उनके बच्चे को क्या परेशानी है बच्चा अपनी सर्दी जुकाम की तकलीफ को रोकर ही अपने पेरेंट्स को बता सकता हैं। कई बार हमारे बच्चे का चेहरा लाल हो जाता हैं। और हमें ऐसा लगता है कि ठंड की वजह से उसका चेहरा लाल हो गया हैं। परंतु हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए।

 कि कहीं ज्यादा कपड़े पहनने की वजह से बच्चों के अंदर ओवरहीटिंग ना हो गई हो जिसके कारण पसीने से उसका चेहरा लाल हो रहा हो। अक्सर जब बच्चे को सर्दी जुकाम की शुरुआत होती हैं। तब बच्चे के सिर में हल्का दर्द होता है और वह सुस्त रहने लगता हैं। माता-पिता को अपने बच्चे खेल संकेत को ध्यान देना चाहिए।

 यदि आपको अपना बच्चा स्वस्थ दिखाई दे रहा है तो आपको तुरंत उसका उपचार करना चाहिए। बच्चों के सीने पर विक्स बेबी रब की अच्छे से मालिश करनी चाहिए। विक्स की मालिश करने से बच्चों को गर्माहट मिलती है और बच्चे की सर्दी को जल्दी ठीक होने में भी मदद मिलती है।

जिन बच्चों की उम्र 3 महीने से ज्यादा की हो जाती हैं। उन बच्चों के लिए विक्स का इस्तेमाल किया जा सकता हैं। यह डॉक्टर के द्वारा प्रिसक्राइब्ड एक मॉइश्चराइजिंग बम है जो सर्दी होने पर बच्चों को लगाया जा सकता हैं। यह सर्दी को बहुत जल्दी ठीक करने में मदद करता है।

 विक्स में लैवेंडर और रोज मेरी की सुगंध होती है जो बच्चों को अच्छी नींद लाने में भी मदद करती हैं। बच्चों को इस बम से मालिश करने के बाद उसे अच्छे तरीके से कंबल में उड़ा देना चाहिए। ऐसा करने से उसकी सर्दी जल्दी ही ठीक हो जाती है।

5. स्वच्छता बनाए रखें :

सर्दियों के मौसम में हमें बच्चों की स्वच्छता का विशेष ध्यान देना चाहिए। सर्दियों के मौसम में बच्चे मल मूत्र का त्याग ज्यादा करते हैं जिसके कारण उनके नैपी ज्यादा गीली होते हैं। यदि बच्चे को ज्यादा देर तक गले नवी में रखा जाता है तो बच्चा बीमार पड़ सकता हैं। क्योंकि ठंडक उसके शरीर में धीरे-धीरे प्रवेश कर जाती है।

 इसलिए माता को इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि जब भी बच्चे की नवी गीली हो जाए तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए। इस प्रकार बच्चों की स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा जा सकता है। जिससे बच्चों को बहुत सारे रोगों को होने से भी बचाया जा सकता है।

 यदि बच्चे सर्दियों के मौसम में साफ स्वच्छ रहेंगे तो उन्हें बीमारियों का खतरा भी काम रहेगा बहुत सारे पेरेंट्स बाहर से आने के बाद बच्चे को यूं ही गोद में उठा लेते हैं। परंतु पेरेंट्स को ऐसा नहीं करना चाहिए। हाथों को सेनीटाइज करने के बाद ही अपने बच्चों को छूना चाहिए।

 यदि आप अपने बच्चों को कीटाणु से बचना चाहते हैं तो सर्दियों के मौसम में उसे ज्यादा भीड़वार की इलाके में नहीं ले जाने चाहिए। यदि आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है जो संक्रमण से पीड़ित है या उसे सर्दी जुखाम हैं। तो आपको अपने बच्चों को ऐसे इंसान के आसपास नहीं ले जाना चाहिए।

 इससे आपके बच्चे को भी इन्फेक्शन का खतरा रहता हैं। बच्चों को हमेशा सुख कपड़े पहनना चाहिए और जब भी बच्चे को नहलाये तो उसमें डिटॉल का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे सारे कीटाणु नष्ट हो जाए।

6. बच्चों को कुछ देर धूप में रहने दे :

माता-पिता को बच्चों को धूप में ले जाने का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सिर्फ घर में ही रहने से और अशुद्ध हवा को लेते रहने से भी बच्चा बिल्कुल स्वस्थ नहीं हो जाएगा या आप घर में ही बच्चे को गर्माहट दे रहे हैं। इससे भी आपका बच्चा अष्ट पुष्ट नहीं होगा।

 सर्दियों में यदि आप अपने बच्चों को गर्म रखना चाहते हैं तो बाहर की धूप से अच्छा कोई भी विकल्प नहीं हैं। यदि आप दिन भर घर में रहते हैं तो आपके बच्चे को बिल्कुल भी धूप नहीं मिल पाती हैं। जिसके कारण उसे नुकसान झेल पड़ सकता है। माता-पिता को इस बात का ध्यान रखना चाहिए।

 कि सर्दियों के मौसम में बच्चों को दिन में काम से कम 3 से 4 घंटे धूप में अवश्य रखें। धूप में रखने से बच्चे का रंग थोड़ा काला पड़ सकता हैं। परंतु आपका बच्चा रोगों से बच्चा रहता हैं।

 माता-पिता को सुबह की धूप में अपने बच्चों को अवश्य लेटना चाहिए सुबह की धूप में विटामिन डी पाया जाता है। जो बच्चे के शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति करने में और उन्हें शरीर में ऑब्जर्व करने में मदद करता है।

7. हेल्दी सूप बनाएं :

बच्चों को हेल्दी रखने के लिए और उनके इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए यह जरूरी है। कि हम अपने बच्चों के शरीर में सभी पोषक तत्वों की पूर्ति सही डाइट के अनुसार कर सके। ऐसा ना हो कि हम अपने बच्चों को जो भोजन खिला रहे हैं। उसमें किसी एक पोषक तत्व की ज्यादा अधिकता है और किसी दूसरे पोषक तत्व की बहुत ज्यादा कमी है।

 ऐसा करने से आपके बच्चे के शरीर में बैलेंस डाइट नहीं पहुंच पाएगी और वह बीमार पड़ सकता है। इसलिए माता-पिता को हेल्दी डाइट के रूप में बच्चों को सूप पिलाना चाहिए। विभिन्न तरीके की सब्जियों को उबालकर बनने वाला सूप बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण और पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

 यदि सर्दियों के मौसम में बहुत सारी सब्जियों का विकल्प होता है। इन सारी सब्जियों को मिलाकर एक हेल्थी सूप को तैयार किया जा सकता है। और अपने बच्चों को पिलाया जा सकता है। यह पीने में भी स्वादिष्ट होता है बच्चा इसे आनंदपूर्वक पिता है।

आप अपने बच्चों को गाजर मटर टमाटर लौकी आदि चीजों का सूप बनाकर पिला सकते हैं। इससे बच्चों को गर्माहट भी महसूस होती है। और उसकी इम्यूनिटी को भी विकसित होने में मदद मिलती है इससे बहुत सारे इंफेक्शन से भी बच्चे को बचाने में मदद मिलती है।

टॉपिक से संबंधित प्रश्न एवं उनके उत्तर (FAQ

Q. सर्दियों के मौसम में बच्चों को सबसे ज्यादा किस चीज का खतरा होता है?

सर्दियों के मौसम में बच्चों को सबसे ज्यादा संक्रमण और रोग ग्रस्त होने का खतरा रहता है।

Q. सर्दियों के मौसम में बच्चों को गर्माहट कैसे दी जा सकती है?

यदि दिन में दो बार बच्चों की मालिश की जाए तो बच्चे को गरमाहट दी जा सकती है।

Q. बच्चों को उड़ाने के लिए भारी ब्लैंकेट का उपयोग क्यों नहीं करना चाहिए?

यदि बच्चे को उड़ाने के लिए आप भारी ब्लैंकेट का उपयोग करते हैं तो बच्चे को अनकंफरटेबल महसूस हो सकता है और उसे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

Q. हेल्दी डाइट के रूप में आप बच्चे को क्या खिला सकते हैं?

हेल्दी डाइट के रूप में आप बच्चे को विभिन्न सब्जियों से बना सूप पिला सकते हैं।

निष्कर्ष :

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको सर्दियों में बच्चों को सुविधाजनक रखने के टिप्स के विषय में जानकारी देने का पूरा प्रयास किया है।यदि फिर भी आपके मन में कोई प्रश्न है तो आप कमेंट करके कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

हमारे आर्टिकल के द्वारा प्रदान की हुई जानकारी बिल्कुल ठोस और सटीक है।अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आए तो आप इसे अवश्य शेयर करें । हमारा आर्टिकल पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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